ई-श्रम पोर्टल 2021: e Shramik Card रजिस्ट्रेशन व CSC लॉगिन, eshram.gov.in

E-Shram Portal Online Registration | E Shram Portal Apply Online | e Shramik Card Registration | E Shram CSC Login

देश के संगठित एवं असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार की योजनाएं आरंभ की जाती है। जिससे कि सभी श्रमिकों को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाया जा सके। लेकिन काफी सारे श्रमिक ऐसे होते है जो योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र तो होते है लेकिन किसी कारणवश वह योजना का लाभ प्राप्त करने से वंचित रह जाते हैं। ऐसे सभी श्रमिकों के लिए भारत सरकार द्वारा ई-श्रम पोर्टल का शुभारंभ किया गया है। इस पोर्टल पर सभी श्रमिकों से संबंधित जानकारी एकत्रित की जाएगी। इस लेख को पढ़कर आपको E Shramik Card से संबंधित संपूर्ण जानकारी प्राप्त होगी। जैसे कि ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण करने की प्रक्रिया, लॉगइन, उद्देश्य, लाभ, विशेषताएं, पात्रता, महत्वपूर्ण दस्तावेज आदि। तो दोस्तों यदि आप ई श्रम पोर्टल पर पंजीकरण करना चाहते हैं तो आपसे निवेदन है कि आप हमारे इस लेख को अंत तक पढ़े।

Contents

E Shram Portal 2021

केंद्रीय रोजगार मंत्री भूपेंद्र यादव द्वारा ई-श्रम पोर्टल लांच किया गया है। E Shram Portal के माध्यम से 38 करोड असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का नेशनल डेटाबेस तैयार किया जाएगा जो कि आधार से सीड किया जाएगा। जिससे मजदूरों, रेहड़ी पटरी वालों एवं घरेलू कामगारों को एक साथ जोड़ा जाएगा। पोर्टल पर श्रमिक का नाम, पता, शैक्षिक योग्यता, कौशल का प्रकार, परिवार से संबंधित जानकारी आदि दर्ज की जाएगी। श्रमिकों को एक साथ जोड़ने के साथ-साथ इस पोर्टल के माध्यम से उनको कई तरह की सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी। सभी पंजीकृत श्रमिकों को एक 12 अंकों का ई कार्ड प्रदान किया जाएगा जो कि पूरे देश में मान्य होगा। इस कार्ड के माध्यम से श्रमिकों को कई तरह की योजनाओं का लाभ भी पहुंचाया जाएगा।

E Shram Portal कार्ड के माध्यम से श्रमिकों को उनके काम के आधार पर बांटा जाएगा। जिससे कि उन को रोजगार प्रदान करने में भी सहायता प्राप्त होगी। इसके अलावा डेटाबेस के माध्यम से सरकार को श्रमिकों के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाएं लांच करने एवं उनका बेहतर संचालन करने में भी सहायता प्राप्त होगी। ई-श्रम पोर्टल का संचालन लेबर एंड एंप्लॉयमेंट मिनिस्ट्री द्वारा किया जाएगा।

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय भारत सरकार के सबसे पुराने महत्वपूर्ण मंत्रालयों में से एक है। इस मंत्रालय की मुख्य जिम्मेदारी श्रमिकों एवं समाज के गरीब वंचित वर्गों के हित की सामान्य रूप से रक्षा करना है। यह मंत्रालय उच्च उत्पादन और उत्पादकता के लिए एक स्वस्थ कार्य वातावरण भी बनाता है। इसके अलावा मंत्रालय द्वारा कौशल प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाता है। जिससे कि श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध हो सके। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा संगठित एवं असंगठित क्षेत्र कल्याण को बढ़ावा भी दिया जाता है। इसके अलावा श्रम बल को सामाजिक सुरक्षा भी प्रदान की जाती है। यह मंत्रालय विभिन्न प्रकार के श्रम कानूनों के अधिनियम के माध्यम से विभिन्न प्रकार की योजनाओं का कार्यान्वयन करता है। जिससे कि श्रमिकों को रोजगार प्रदान किया जा सके। मंत्रालय द्वारा श्रमिकों को विभिन्न प्रकार की योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया जाता है।

ई-श्रम पोर्टल के स्टेक होल्डर

  • मिनिस्ट्री ऑफ लेबर एंड एंप्लॉयमेंट
  • मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी
  • नेशनल इनफॉर्मेटिक्स सेंटर
  • स्टेट/यूटी गवर्नमेंट
  • लाइन मिनिस्ट्रीज/डिपार्टमेंट ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट
  • वर्कर्स फैसिलिटेशन सेंटर एंड फील्ड ऑपरेटर
  • अनोर्गनाइज्ड वर्कर्स एंड देयर फैमिली
  • यूआईडीएआई
  • एनपीसीआई
  • ईएसआईसी
  • ईपीएफओ
  • सीएससी – एसपीवी
  • डिपार्टमेंट ऑफ पोस्ट थ्रू पोस्ट ऑफिस
  • प्राइवेट सेक्टर पार्टनर

Key Highlights Of E-Shram Portal

पोर्टल का नामई श्रम पोर्टल
किस ने लांच कियाभारत सरकार
लाभार्थीदेश के श्रमिक
उद्देश्यसभी श्रमिकों का डाटा एकत्रित करना
आधिकारिक वेबसाइटयहां क्लिक करें
साल2021

ई-श्रम पोर्टल का उद्देश्य

E-Shram Portal का मुख्य उद्देश्य निर्माण श्रमिक, प्रवासी श्रमिक गिग और प्लेटफार्म श्रमिक, स्ट्रीट वेंडर, घरेलू श्रमिक, कृषि श्रमिक आदि सहित सभी असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का केंद्रीकृत डेटाबेस का निर्माण करना है। ई-श्रम पोर्टल सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के कार्यान्वयन में सुधार करने के उद्देश्य से भी आरंभ किया गया है। ई-श्रम पोर्टल के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का एकीकरण भी किया जाएगा। E Shram Portal के माध्यम से श्रमिकों को उनके कौशल के अनुसार रोजगार प्रदान करने में भी सहायता प्राप्त होगी। इसके अलावा यह पोर्टल भविष्य में कोविड-19 जैसे किसी भी राष्ट्रीयसंकट से निपटने के लिए व्यापक डाटाबेस भी प्रदान करेगा।

ई-श्रम पोर्टल के लाभ तथा विशेषताएं

  • केंद्रीय रोजगार मंत्री भूपेंद्र यादव द्वारा ई श्रम पोर्टल लांच किया गया है।
  • ई-श्रम पोर्टल के माध्यम से 38 करोड असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का नेशनल डाटाबेस तैयार किया जाएगा।
  • यह डेटाबेस आधार से सीड किया जाएगा।
  • इस पोर्टल के माध्यम से मजदूरों जेड रेहड़ी पटरी वालों एवं घरेलू कामगारों को एक साथ जोड़ा जाएगा।
  • पोर्टल पर श्रमिक का नाम, पता, शैक्षिक योग्यता, कौशल का प्रकार, परिवार से संबंधित जानकारी आदि दर्ज की जाएगी।
  • ई-श्रम पोर्टल के माध्यम से श्रमिकों को कई तरह की सुविधाएं प्रदान की जाएगी।
  • सभी पंजीकृत श्रमिकों को 12 अंकों का रिकॉर्ड प्रदान किया जाएगा जो कि पूरे देश में मान्य होगा।
  • इस कार्ड के माध्यम से श्रमिकों को कई तरह की योजनाओं का लाभ भी पहुंचाया जाएगा।
  • ई-श्रम पोर्टल कार्ड के माध्यम से श्रमिकों को उनके काम के आधार पर बांटा जाएगा जिससे कि उन को रोजगार प्रदान करने में सहायता प्राप्त होगी।
  • डेटाबेस के माध्यम से सरकार को श्रमिकों के लिए विभिन्न प्रकार की योजना लांच करने एवं उनका संचालन करने में भी सहायता प्राप्त होगी।
  • इस पोर्टल का संचालन लेबर एवं एंप्लॉयमेंट मिनिस्ट्री द्वारा किया जाएगा।

E Shram Stake Holder

मिनिस्ट्री ऑफ लेबर एंड एंप्लॉयमेंट

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय इस योजना की नोडल एजेंसी एवं राष्ट्रीय स्तर पर योजना नीति निर्माण और कार्यान्वयन के लिए जिम्मेदार है। इस मंत्रालय द्वारा गतिविधियों और प्रमाण की राष्ट्रीय निगरानी बनाई रखी जाएगी एवं योजनाओं का नेतृत्व किया जाएगा।

मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी

सचिव की अध्यक्षता में गठित प्रोजेक्ट संचालन समिति नामक एक अधिकार प्राप्त समिति का गठन किया जाएगा। जो की परियोजना समन्वय के लिए जिम्मेदार होगी। इस समिति के द्वारा विभिन्न मुद्दों को हल करने पर विचार करने में मदद भी प्राप्त होगी। एवं एनडीयूडब्ल्यू के कार्यान्वयन की निगरानी भी की जाएगी।

नेशनल इनफॉर्मेटिक्स सेंटर

एनआईसी, एमडीयूडब्ल्यू परियोजना के लिए परियोजना निष्पादन एजेंसी है। एनआईसी परियोजना का कार्यान्वयन करने के लिए डिजाइन और विकास में भी सहायता प्रदान करेगी। समग्र आईसीटी समाधान भी एनआईसी द्वारा इस परियोजना के प्रदान किया जाएगा।

स्टेट/यूटी गवर्नमेंट

राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों की सरकार एन डी यू डब्ल्यू प्लेटफार्म के प्राथमिक फीडर और उपयोगकर्ता होंगे। राज्य एवं संघ राज्य क्षेत्र सरकारें अपने-अपने राज्य में कार्यान्वयन की जिम्मेदारी लेंगे। सरकारों द्वारा सभी लाभार्थियों का पंजीकरण किया जाएगा एवं नागरिकों को लाभ से संबंधित जागरूकता प्रदान की जाएगी।

लाइन मिनिस्ट्रीज/डिपार्टमेंट ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट

केंद्र सरकार के मंत्रालय एवं विभाग भी उनके द्वारा मॉनिटर किए जाने वाले असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए हितधारक होगा। सभी सरकार एवं उनके विभाग के अंतर्गत कार्यरत असंगठित क्षेत्र के श्रमिक का डाटा पोर्टल को प्रदान किया जाएगा।

वर्कर्स फैसिलिटेशन सेंटर एंड फील्ड ऑपरेटर

राज्य एवं संघ राज्य क्षेत्र सरकारों के अधीन कार्यरत श्रमको के लिए श्रमिक सुविधा केंद्र भी असंगठित श्रमिकों के पंजीकरण के लिए हितधारक होगा।

अनोर्गनाइज्ड वर्कर्स एंड देयर फैमिली

एन डी यू डब्ल्यू असंगठित कामगारों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं प्राप्त करने और भविष्य में सामाजिक सुरक्षा संहिता के अनुसार लाभ प्राप्त करने के लिए एक राष्ट्रीय मंच होगा।

यूआईडीएआई

यूआईडीएआई परियोजना का एक महत्वपूर्ण भागीदार है। यूआईडीएआई के माध्यम से सत्यापन किया जाता है एवं आधार आधारित पंजीकरण प्रक्रिया को समय समय पर पूरा किया जाता है। यूआईडीएआई सभी महत्वपूर्ण जानकारी पोर्टल के साथ साझा करता है।

एनपीसीआई

एनपीसीआई द्वारा एन डी यू डब्ल्यू पोर्टल के माध्यम से यू डब्ल्यू के बैंक खाते के सत्यापन और बैंक खाते के साथ आधार को जोड़ने के लिए एपीआई प्रदान किया जाएगा।

ईएसआईसी\ईपीएफओ

ईएसआईसी एवं ईपीएफओ भी इस पोर्टल के हितधारक होंगे। सीएससी एवं ईपीएफओ को यूएएन के माध्यम से पोर्टल से जोड़ा जाएगा। इन के माध्यम से असंगठित एवं संगठित क्षेत्र के कामगारों से संबंधित जानकारी प्राप्त करने में सहायता प्राप्त होगी। इसके अलावा असंगठित क्षेत्र से संगठित क्षेत्र में कार्यरत होने वाले कामगारों का डाटा भी उपलब्ध होगा।

सीएससी

सीएससी के द्वारा 3.5 लाख से अधिक केंद्रों पर देश की सभी नेटवर्क के माध्यम से देश भर में डिजिटल इंडिया मिशन की विभिन्न सेवाएं प्रदान की जा रहे हैं। सीएससी के माध्यम से आप विभिन्न प्रकार की योजनाओं के अंतर्गत नामांकन कर सकते हैं। यह एक नामांकन एजेंसी के रूप में कार्यरत है।

डिपार्टमेंट ऑफ पोस्ट थ्रू पोस्ट ऑफिस

डाक विभाग के अंतर्गत लगभग 1.55 लाख डाकघर संचालित किए जाते हैं। यह डाकघर पूरे भारत में आधार आधारित सेवाएं प्रदान करते हैं। डाकघर सीएससी एसपीवी की तर्ज पर नामांकन एजेंसी के रूप में काम करेंगे।

प्राइवेट सेक्टर पार्टनर

मंत्रालय द्वारा निजी क्षेत्र की भागीदारी जैसे कि असंगठित श्रमिकों के नियोक्ता, गिग और प्लेटफार्म एग्रीगेटर, दुग्ध संघ, सहकारी समितियों के साथ काम करने वाले असंगठित श्रमिकों का पंजीकरण किया जाएगा। इसके अलावा निजी क्षेत्रों के व्यापक उपयोग के लिए ओपन एपीआई को भी प्रकाशित किया जाएगा।

ई श्रम पोर्टल एक्ट्स तथा रूल्स

द अनोर्गनाइज्ड वर्कर्स सोशल सिक्योरिटी एक्ट 2008

लगभग 88% श्रमिक असंगठित क्षेत्र में कार्य करते हैं। लेकिन उनको सामाजिक सुरक्षा लाभ नहीं प्राप्त होता। केंद्र सरकार द्वारा असंगठित श्रमिकों के विशिष्ट समूह जैसे कि बीड़ी श्रमिक, भवन और निर्माण श्रमिक आदि के लिए कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जाती हैं। इन सभी श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए यह योजनाएं संचालित की जाती है। जिसके लिए द ऑर्गेनाइज वर्कर सोशल सिक्योरिटी एक्ट भी लागू किया गया है।

द कांट्रैक्ट लेबर एक्ट 1970

कॉन्ट्रैक्ट श्रमिक एक ऐसे व्यक्ति को कहा जाता है जिसे एक विशिष्ट कार्य और अवधि के लिए कांट्रेक्टर के माध्यम से एक कंपनी में काम करने के लिए रखा जाता है। कंपनियों द्वारा कांट्रेक्टर को नियुक्त किया जाता है जो कि श्रमिकों को नियुक्त करते हैं। प्रतिष्ठान के श्रमिकों के साथ दुर्व्यवहार को रोकने के लिए और उनके लिए एक स्वस्थ कार्य वातावरण सुनिश्चित करने के लिए कॉन्ट्रैक्ट लेबर एक्ट 1970 संचालित किया जाता है।

इंटर स्टेट माइग्रेंट वर्कमेन एक्ट 1979

इस एक्ट के माध्यम से काम करने की स्थिति में व्यवसायिक सुरक्षा प्रदान की जाती है। यह एक्ट पिछले 12 महीने में किसी भी दिन के दौरान पांच या अधिक अंतरराष्ट्रीय कामगारों को नियुक्त करने वाले प्रतिष्ठान एवं कांट्रेक्टर पर लागू होता है। इस एक्ट के अंतर्गत प्रतिष्ठान के पंजीकरण एवं ठेकेदार के लिए लाइसेंस का भी प्रावधान है।

द मिनिमम वेजेस एक्ट 1948

इस एक्ट को मजदूरी मानकों में सुधार करने के लिए आरंभ किया गया है। इस एक्ट के माध्यम से एक न्यूनतम मजदूरी निर्धारित की गई है जिससे कि श्रमिकों को कम वेतन से बचाया जा सके।

द बोंडेड लेबर सिस्टम एक्ट 1976

अपने ऋण को पूरा करने के लिए देनदार द्वारा या फिर उसके वंशज या आश्रित को बंधुआ मजदूरी अपने ऋण को पूरा करने के लिए करवाई जाती थी। इस एक्ट के माध्यम से इस तरह की बंधुआ मजदूरी को अपराध माना गया है। बंधुआ मजदूरी की प्रणाली को समाप्त कर दिया गया है जिसके लिए राष्ट्रपति द्वारा एक अध्यादेश भी जारी किया गया था।

द कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी 2020

सामाजिक सुरक्षा अधिनियम पर सहित का उद्देश्य संगठित या असंगठित या अन्य क्षेत्र के सभी कर्मचारियों और श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है। इस संहिता के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा से संबंधित कानून को संशोधित और समेकित किया गया है।

द कोड ऑन वेजेस 2019

यह कोड सभी रोजगार में मजदूरी और बोनस भुगतान को विनियमित करने का प्रयास करता है जहां कोई उद्योग, व्यापार, व्यवसाय या निर्माण का कार्य किया जाता है। यह कोड सभी कर्मचारियों पर लागू होता है। केंद्रीय क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों के लिए केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित मजदूरी प्रदान की जाती है एवं राज्य सरकार के क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों के लिए राज्य सरकार द्वारा निर्धारित मजदूरी प्रदान की जाती है।

द एक्यूपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशन कोड, 2020

इस कोड के माध्यम से कार्यरत श्रमिकों की व्यवसाइक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य और काम करने की स्थिति को विनियमित किया जाता है। यह कोड 13 पुराने केंद्रीय श्रम कानूनों की जगह आरंभ किया गया है।

इंडस्ट्रियल रिलेशन कोड 2020

इस कोड के माध्यम से रोजगार की शर्तें, औद्योगिक विवादों की जांच और निपटान से संबंधित कानूनों को समेकित और संशोधित किया जाता है। इस कोड को दूसरे राष्ट्रीय श्रम आयोग की रिपोर्ट और सिफारिशों के अनुसार तैयार किया गया है।

E Shram Portal के अंतर्गत विभिन्न योजनाएं

सोशल सिक्योरिटी वेलफेयर स्कीम

  • प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना- इस योजना के माध्यम से 60 वर्ष की आयु पूर्ण होने के बाद लाभार्थी को ₹3000 की न्यूनतम पेंशन उपलब्ध करवाई जाती है। यदि लाभार्थी की मृत्यु हो जाती है तो लाभार्थी के पति या पत्नी को 50% पेंशन का हिस्सा प्रदान किया जाता है। इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए लाभार्थी को प्रतिमाह प्रीमियम का भुगतान करना होगा जो कि ₹55 से ₹200 के बीच होगा। प्रीमियम की राशि का 50% हिस्सा लाभार्थी द्वारा जमा किया जाएगा एवं 50% हिस्सा केंद्र सरकार द्वारा जमा किया जाएगा।
  • नेशनल पेंशन स्कीम फॉर शॉपकीपर, ट्रेडर्स एंड सेल्फ एंप्लॉयड पर्सन- इस योजना के अंतर्गत लाभार्थी को ₹3000 की न्यूनतम पेंशन 60 वर्ष की आयु के बाद प्रदान की जाती है। इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए लाभार्थी को ₹55 से लेकर ₹200 के प्रीमियम का भुगतान करना होता है। प्रीमियम की राशि का 50% हिस्सा लाभार्थी द्वारा जमा किया जाता है एवं 50% हिस्सा केंद्र सरकार द्वारा वहन किया जाता है।
  • प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना- यह योजना डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विस द्वारा कार्यान्वित की जाती है। इस योजना का लाभ बैंक द्वारा प्रदान किया जाता है। लाभार्थी की किसी भी कारणवश मृत्यु होने पर ₹200000 लाभार्थी के नॉमिनी को इस योजना के अंतर्गत प्रदान किए जाते हैं।
  • प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना- इस योजना के अंतर्गत यदि लाभार्थी की किसी एक्सीडेंट के कारण मृत्यु हो जाती है या लाभार्थी पूरी तरह से विकलांग हो जाता है तो ₹200000 की राशि प्रदान की जाती है लाभार्थी यदि पूरी तरह विकलांग नहीं होता है तो ₹100000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
  • अटल पेंशन योजना- इस योजना के अंतर्गत लाभार्थी को ₹1000 से लेकर ₹5000 तक की पेंशन प्रदान की जाती है। लाभार्थी के पति या पत्नी को लाभार्थी की मृत्यु के बाद इस योजना के अंतर्गत पेंशन की एकमुश्त राशि भी प्रदान की जाती है।
  • PDS- इस योजना के माध्यम से लाभार्थी को 35 किलो चावल या गेहूं प्रतिमाह प्रदान किया जाता है। गरीबी रेखा से ऊपर जीवन यापन करने वाले परिवार को 15 किलो खाद्य पदार्थ प्रदान किए जाते हैं।
  • प्रधानमंत्री आवास योजना -ग्रामीण- इस योजना के माध्यम से घर के निर्माण के लिए प्लेन एरिया में 1.2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है एवं हिली एरिया में 1.3 लाख रुपया की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
  • नेशनल सोशल असिस्टेंट प्रोग्राम- यह एक पेंशन योजना है। इस योजना के माध्यम से 300 से लेकर ₹500 के प्रीमियम का भुगतान प्रतिमाह करना होता है। इस योजना के अंतर्गत ₹1000 से लेकर ₹3000 की पेंशन प्रदान की जाती है।
  • आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना- इस योजना के माध्यम से ₹500000 तक का स्वास्थ्य बीमा प्रत्येक परिवार को बिना किसी प्रीमियम का भुगतान करें प्रदान किया जाता है।
  • हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम फॉर वीवर्स- इस योजना के माध्यम से वीवर को स्वास्थ्य बीमा प्रदान किया जाता है।
  • नेशनल सफाई करमचारी फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन-इस योजना के माध्यम से सफाई कर्मचारियों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
  • सेल्फ एंप्लॉयमेंट स्कीम फॉर रिहैबिलिटेशन आफ मैन्युअल स्कैवेंजर्स- इस योजना के माध्यम से मैनुअल स्कैवेंजर एवं उनके आश्रित लोगों को मुफ्त में कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा सरकार द्वारा ₹3000 का स्टाइपेंड भी प्रदान किया जाएगा।

एंप्लॉयमेंट स्कीम

  • मनरेगा- इस योजना के माध्यम से श्रमिकों को 100 दिन का गारंटी रोजगार प्रदान किया जाता है।
  • दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना- यह योजना ग्रामीण युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से विकसित की गई है। इस योजना के माध्यम से कौशल प्रशिक्षण के बाद युवाओं को नौकरी भी प्रदान की जाती है।
  • दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय योजना- इस योजना के माध्यम से देश के गरीब श्रमिकों को कौशल प्रशिक्षण एवं व्यवसाय आरंभ करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
  • पीएम स्वनिधि- इस योजना के माध्यम से देश के रेहड़ी पटरी वालों को ₹10000 की आर्थिक सहायता लोन के तौर पर मुहैया कराई जाती है।
  • प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना- इस योजना के माध्यम से देश के युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है जिससे कि वह रोजगार प्राप्त कर सकें।
  • प्रधानमंत्री एंप्लॉयमेंट जनरेशन प्रोग्राम- इस योजना के माध्यम से नई एंटरप्राइज स्थापित करने के लिए आर्थिक सहायता मुहैया कराई जाती है।

उपलब्ध योजनाओं की पात्रता

योजना का प्रकारयोजना का नामपात्रता
सोशल सिक्योरिटी वेलफेयर स्कीमप्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजनाआवेदक भारत का स्थाई निवासी होना चाहिए।आवेदक असंगठित क्षेत्र से होना चाहिए।इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक की आयु 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए।आवेदक की मासिक आय ₹15000 से कम होनी चाहिए।आवेदक ईपीएफओ, ईएसआईसी, एनपीएस का मेंबर नहीं होना चाहिए।
 नेशनल पेंशन स्कीम फॉर शॉपकीपर, ट्रेडर एंड सेल्फ एंप्लॉयड पर्सनआवेदक भारत का स्थाई निवासी होना चाहिए।आवेदक की आयु 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए।इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक का एनुअल टर्नओवर 1.5 करोड़ से ज्यादा नहीं होना चाहिए।वह लोग जो ई पी एफ ओ, ई एस आई सी, पीएमएसवाईएम के अंतर्गत कवर्ड नहीं है वह इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र हैं।वह लोग जिनकी छोटी दुकानें, रेस्टुरेंट, होटल आदि है वह भी इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
 प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजनाआवेदक भारत का स्थाई निवासी होना चाहिए।आवेदक की आयु 18 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए।इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक के पास जनधन या फिर सेविंग बैंक अकाउंट होना अनिवार्य है।
 प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजनाआवेदक भारत का स्थाई निवासी होना चाहिए।आवेदक की आयु 18 से 70 वर्ष के बीच होनी चाहिए।इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक के पास जनधन या फिर सेविंग बैंक अकाउंट होना अनिवार्य है।
 अटल पेंशन योजनाआवेदक भारत का स्थाई निवासी होना चाहिए।आवेदक की आयु 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
 PDSआवेदक भारत का स्थाई निवासी होना चाहिए।आवेदक गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहा होना चाहिए।वह परिवार इस योजना का लाभ प्राप्त करने के योग्य है जिसमें किसी भी सदस्य की आयु 15 से 59 वर्ष के बीच नहीं है।वह परिवार जिसमें कोई दिव्यांग व्यक्ति है वह भी इस योजना का लाभ प्राप्त करने के योग्य है।वह नागरिक जिसके पास कोई भी स्थाई नौकरी नहीं है वह भी इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकता है।
 प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीणआवेदक भारत का स्थाई निवासी होना चाहिए।वह नागरिक इस योजना का लाभ उठा सकता है जिसके पास कोई भी स्थाई नौकरी नहीं है।वह परिवार इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकता है जिसमें कोई दिव्यांग नागरिक है।वह परिवार भी इस योजना का लाभ प्राप्त करने के योग्य है जिस परिवार में कोई भी 15 से 59 वर्ष का सदस्य नहीं है।
 नेशनल सोशल एसिस्टेंस प्रोग्रामआवेदक भारत का स्थाई निवासी होना चाहिए।वह व्यक्ति इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकता है जिसके पास आय का साधन बहुत कम है या फिर नहीं है।
 आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजनावह परिवार जो कच्चे घर में रह रहे हैं वह इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।यदि परिवार में 16 से 59 वर्ष के बीच कोई भी सदस्य नहीं है तो वह परिवार इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकता है।यदि परिवार में कोई भी व्यक्ति सेहतमंद नहीं है एवं एक व्यक्ति दिव्यांग है तो वह परिवार भी इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकता है।मैन्युअल स्कैवेंजर्स फैमिली।वह परिवार जिनके पास कोई भी जमीन नहीं है एवं परिवार की मुख्य आय का साधन मैनुअल लेबर है।वह परिवार इस योजना का लाभ प्राप्त करने के पात्र हैं जिस परिवार में कोई भी आय अर्जित करने वाला नागरिक जिसकी आयु 16 से 59 वर्ष के बीच है उपस्थित नहीं है। 
 हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम फॉर वीवर्सआवेदक भारत का स्थाई निवासी होना चाहिए।विवर द्वारा कम से कम 50% इनकम हैंडलूम वीविंग से प्राप्त होनी चाहिए।  
 नेशनल सफाई करमचारी फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशनआवेदक भारत का स्थाई निवासी होना चाहिए।आवेदक सफाई कर्मचारी या फिर मैन्युअल स्कैवेंजर होना चाहिए।
 सेल्फ एंप्लॉयमेंट स्कीम फॉर रिहैबिलिटेशन आफ मैन्युअल स्कैवेंजर्सआवेदक भारत का स्थाई निवासी होना चाहिए।आवेदक आईडेंटिफाइड मानो स्कैवेंजर होना चाहिए।इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए केवल परिवार का एक ही सदस्य आवेदन कर सकता है।  
एंप्लॉयमेंट स्कीममनरेगाआवेदक भारत का स्थाई निवासी होना चाहिए।आवेदक की आयु 18 वर्ष या फिर उससे ज्यादा होनी चाहिए एवं वह ग्रामीण क्षेत्र का निवासी होना चाहिए।
 दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजनाआवेदक भारत का स्थाई निवासी होना चाहिए।इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक की आयु 15 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए।महिलाओं एवं वल्नरेबल ग्रुप के लिए अधिकतम आयु 45 वर्ष निर्धारित की गई है।
 दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय योजनाइस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदन भारत का स्थाई निवासी होना चाहिए।
 पीएम स्वनीधिआवेदक भारत का स्थाई निवासी होना चाहिए।आवेदक सर्वे में आईडेंटिफाई होना चाहिए।आवेदक के पास सर्टिफिकेट ऑफ वेंडिंग या फिर आईडेंटिटी कार्ड होना चाहिए जो कि अर्बन लोकल बॉडी द्वारा दिया गया हो।
 प्रधानमंत्री कौशल विकास योजनाआवेदक भारत का स्थाई निवासी होना चाहिए।इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए दसवीं कक्षा उत्तीर्ण होनी चाहिए।आवेदक की आयु 18 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
 प्रधानमंत्री एंप्लॉयमेंट जनरेशन प्रोग्रामआवेदक भारत का स्थाई निवासी होना चाहिए।इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक की आयु 18 वर्ष या फिर उससे ज्यादा होनी चाहिए।आवेदक द्वारा कम से कम आठवीं कक्षा उत्तीर्ण की होनी चाहिए।

ई श्रम पोर्टल पर पंजीकरण करने के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज

  • आधार नंबर
  • आधार नंबर से लिंक मोबाइल नंबर
  • सेविंग बैंक अकाउंट नंबर
  • आईएफएससी कोड
  • राशन कार्ड
  • आय प्रमाण पत्र
  • निवास प्रमाण पत्र
  • आयु का प्रमाण
  • पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ
  • मोबाइल नंबर

ई श्रम पोर्टल पर पंजीकरण करने की प्रक्रिया

  • अब आपके सामने एक नया पेज खोलकर आएगा।
  • इस पर आपको अपना आधार लिंक मोबाइल नंबर, कैप्चा कोड, ईपीएफओ एवं ईएसआईसी मेंबर स्टेटस दर्ज करना होगा।
  • अब आपको सेंड ओटीपी के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • इसके पश्चात आपको प्राप्त हुआ ओटीपी ओटीपी बॉक्स में दर्ज करना होगा।
  • अब आपको रजिस्टर के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • इस प्रकार आप ई श्रम पोर्टल पर रजिस्टर कर पाएंगे।

सीएससी लोकेट करने की प्रक्रिया

  • अब आपके सामने एक नया पेज खोलकर आएगा।
  • आपको इस पेज पर अपने राज्य एवं जिले का चयन करना होगा।
  • सीएससी से संबंधित जानकारी आपकी स्क्रीन पर खुलकर आ जाएगी।

एडमिन लॉगइन करने की प्रक्रिया

  • सर्वप्रथम आपको ई श्रम पोर्टल की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।
  • अब आपके सामने होम पेज खुल कर आएगा।
  • होम पेज पर आपको एडमिन लॉगइन के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • अब आपके सामने एक नया पेज खुल कर आएगा।
  • इस पेज पर आपको अपनी ईमेल आईडी, पासवर्ड तथा क्या कैप्चा कोड दर्ज करना होगा।
  • अब आपको साइन इन के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • इस प्रकार आप एडमिन लॉगइन कर पाएंगे।

ग्रीवेंस दर्ज करने की प्रक्रिया

  • सर्वप्रथम आपको E Shram Portal की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।
  • अब आपके सामने होम पेज खुल कर आएगा।
  • होम पेज पर आपको कांटेक्ट अस के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • अब आपको ग्रीवेंस के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • इसके पश्चात आपके सामने ग्रीवेंस फॉर्म खुल कर आएगा।
  • आपको इस फॉर्म में पूछी गई सभी महत्वपूर्ण जानकारी दर्ज करनी होगी।
  • अब आपको लॉज ग्रीवेंस के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • इस प्रकार आप ग्रीवेंस दर्ज कर पाएंगे।

ग्रीवेंस स्टेटस चेक करने की प्रक्रिया

  • सबसे पहले आपको ई-श्रम पोर्टल की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।
  • अब आपके सामने होम पेज खुल कर आएगा।
  • इसके पश्चात आपको कांटेक्ट अस के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • अब आपको ग्रीवेंस के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • इसके बाद आपको व्यू थे स्टेटस आफ योर ग्रीवेंस के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • अब आपको रेफरेंस नंबर दर्ज करना होगा।
  • इसके पश्चात आपको व्यू स्टेटस के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • ग्रीवेंस स्टेटस आपकी कंप्यूटर स्क्रीन पर होगा।

स्कीम से संबंधित जानकारी प्राप्त करने की प्रक्रिया

  • सर्वप्रथम आपको E Shram Portal की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।
  • अब आपके सामने होम पेज खुल कर आएगा।
  • होम पेज पर आपको स्कीम्स के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • अब आपके सामने निम्नलिखित ऑप्शन खुल कर आएंगे।
  • आपको अपनी आवश्यकतानुसार विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • संबंधित जानकारी आपकी कंप्यूटर स्क्रीन पर होगी।

कांटेक्ट डिटेल देखने की प्रक्रिया

  • सबसे पहले आपको ई-श्रम पोर्टल की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।
  • अब आपके सामने होम पेज खुल कर आएगा।
  • इसके पश्चात आपको कांटेक्ट अस के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • अब आपको दोबारा कॉन्टैक्ट अस के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • इसके बाद आपके सामने एक नया पेज खोलकर आएगा।
  • इस पेज पर आप कांटेक्ट डिटेल देख सकते हैं।

यूजर गाइड डाउनलोड करने की प्रक्रिया

  • सर्वप्रथम आपको ई श्रम पोर्टल की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।
  • अब आपके सामने होम पेज खुल कर आएगा।
  • होम पेज पर आपको सर्विसेस के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • इसके पश्चात आपको यूजर गाइड के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • अब आपके सामने एक नया पेज खोलकर आएगा।
  • इस पेज पर आपको डाउनलोड के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • जैसे ही आप डाउनलोड के विकल्प पर क्लिक करेंगे यूजर गाइड आपके डिवाइस में डाउनलोड हो जाएगी।

संपर्क विवरण

हमने अपने इस लेख के माध्यम से आपको ई-श्रम पोर्टल से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान कर दी है।

  • किसी प्रकार की समस्या का सामना कर रहे हैं तो आप ई-श्रम पोर्टल हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करके या फिर ईमेल लिखकर अपनी समस्या का समाधान कर सकते हैं। हेल्पलाइन नंबर तथा ईमेल आईडी कुछ इस प्रकार है।
  • Helpline Number- 14434
  • Email Id- eshram-care@gov.in
  • Address- Ministry of Labour & Employment, Govt. of India,  Jaisalmer House, Mansingh Road,  New Delhi-110011, India
  • Phone number: 011-23389928

FAQ

️ ई श्रम पोर्टल पर पंजीकरण कैसे करें?
ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण कैसे करें, इसकी जांच करें:
चरण 1: Google में https://www.eshram.gov.in/ टाइप करें।
चरण 2: “ई-श्रम पर पंजीकरण करें” लिंक / अनुभाग पर क्लिक करें।
चरण 3: उसके बाद आपको एक नए पेज https://register.eshram.gov.in/#/user/self पर रीडायरेक्ट किया जाएगा।

️ श्रम सुविधा पोर्टल का क्या लाभ है?
यह पोर्टल विभिन्न श्रम कानूनों के एक स्थान पर श्रम निरीक्षण और उसके प्रवर्तन की समेकित जानकारी की रिपोर्टिंग में आसानी की सुविधा प्रदान करता है। यह रिपोर्टिंग की सुविधा, श्रम निरीक्षण में पारदर्शिता और प्रमुख प्रदर्शन सूचकांकों के आधार पर श्रम निरीक्षण की निगरानी में वृद्धि करेगा

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